उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटीT) ने ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ओएनडीसी) के सहयोग से 12 जून 2026 को सीपीजी राउंडटेबल – ‘भारत कॉमर्स चिंतन शिविर’ आयोजित किया। इस राउंडटेबल में अग्रणी उपभोक्ता वस्तु कंपनियों, वितरक नेटवर्कों, प्रौद्योगिकी प्रदाताओं एवं लॉजिस्टिक्स साझेदारों के प्रमुख प्रतिनिधि शामिल हुए और उन्होंने भारत के सामान्य व्यापार पारिस्थितिकी तंत्र को डिजिटल रूपांतरण करने पर विस्तार से चर्चा की।
भारत के सामान्य व्यापार पारिस्थितिकी तंत्र में 1.4 करोड़ से ज़्यादा किराना स्टोर शामिल हैं और एफएमसीजी की कुल बिक्री में इनकी हिस्सेदारी लगभग 75–80 प्रतिशत है। हालांकि, इस चैनल का एक बड़ा हिस्सा अभी भी बिखरे हुए क्रमागत प्रणाली, इन्वेंट्री की सीमित जानकारी और मैन्युअल ब्रिक्री प्रक्रियाओं पर निर्भर है, जिससे खुदरा विक्रेताओं, वितरकों एवं ब्रांडों के लिए कार्यकुशलता में कमी एवं परिचालन संबंधी चुनौतियां उत्पन्न होती हैं।
बातचीत डिजीदुकान पर केंद्रित थीं, जो ओएनडीसी की एक पहल है जिसका उद्देश्य बी2बी खरीद के लिए किराना दुकानों का डिजिटलीकरण करना है। मूल्य शृंखला के विभिन्न चरणों में दक्षता बढ़ाने के लिए डिज़ाइन किया गया डिजीदुकान प, बेहतर योजनाओं की दृश्यता, बेहतर फिल रेट्स और उन्नत कार्यशील पूंजी प्रबंधन प्रदान करके किराना दुकानों को प्रत्यक्ष खरीद के माध्यम से अपने लाभ के मार्जिन को बढ़ाने में सक्षम बनाता है। वितरकों के लिए, यह पहल ऑर्डर एवं कलेक्शन को डिजिटल बनाकर बिना किसी अतिरिक्त जमीनी खर्च के ज़्यादा बड़े मार्केट तक पहुंचने में मदद करती है, साथ ही खुदरा विक्रेता कवरेज को भी बेहतर बनाती है। ब्रांड्स के लिए, यह खुदरा विक्रेता की मांग संकेतों और खुदरा काउंटरों तक सीधी पहुंच प्रदान करती है और योजना को ज़्यादा असरदार तरीके से लागू करने एवं उसको ट्रैक करने में मदद करती है।
डिजीदुकान को हैदराबाद में पहले ही शुरुआती सफलता प्राप्त हो चुकी है, जहां क्यूपो के माध्यम से 10,000 से ज्यादा खुदरा विक्रेता और 35 से अधिक ब्रांड्स को जोड़ा जा चुका है। हैदराबाद के बाद, डिजीदुकान का 19 जून 2026 को जयपुर में सेल्सकोड के माध्यम से शुरू करने का कार्यक्रम है और आने वाले महीनों में मुंबई, बेंगलुरु तथा दिल्ली-एनसीआर में इसका विस्तार करने की योजना बनाई गई है।
उद्योग जगत के दिग्गजों ने सामान्य व्यापार पारिस्थितिकी तंत्र के सामने मौजूद प्रमुख चुनौतियों पर चर्चा की, जिनमें खंडित खुदरा सहभागिता, बढ़ती बिक्री लागत, इन्वेंट्री की कमियां, द्वितीयक बिक्री में सीमित जानकारी और डिजिटल-फर्स्ट रिटेल मॉडलों से बढ़ती प्रतिस्पर्धा शामिल हैं। प्रतिभागियों ने इसपर भी चर्चा की कि खुला डिजिटल अवसंरचना किस प्रकार एफएमसीजी वैल्यू चेन में खुदरा व्यापार पहुंच, वितरकों की उत्पादकता, मांग नियोजन एवं योजनाओं की प्रभावशीलता को असरदार बना सकता है।
इस राउंडटेबल ने हितधारकों को वितरक डिजिटलीकरण, कैटलॉग मानकीकरण, खुदरा व्यापार को साथ लाना एवं प्रौद्योगिकी एकीकरण पर अपनी सिफारिशें साझा करने के लिए एक मंच प्रदान किया। इसमें शामिल होने वाली कंपनियों को डिजीडुकान के विस्तार के अगले चरण में संस्थापक साझेदारों के रूप में सहयोग करने के लिए भी आमंत्रित किया गया।
राउंडटेबल की अध्यक्षता डीपीआईआईटी के अतिरिक्त सचिव, श्री अतीश कुमार सिंह ने की और इसमें एचयूएल, आईटीसी, कोका-कोला, टीसीपीएल, कैविनकेयर, मैरिको, बिकानो, लोरियल, मून बेवरेजेज, अनमोल इंडस्ट्रीज़, नेस्ले और किराना किंग सहित कई कंपनियों ने हिस्सा लिया। इसमें हिस्सा लेने वाले कंपनियों ने डिजीडुकान पहल के साथ जुड़ने एवं उसका समर्थन करने में अपनी रुचि व्यक्त की।






