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ब्रीदिंग थ्रेड्स: भारत टेक्स 2025 में फैशन शो

भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय के हथकरघा विकास आयुक्त कार्यालय ने शिल्प कौशल के मनोभाव को जानने के लिए, एक जीवित विरासत को सम्मानित करने, आधुनिक आकृतियों में भारतीय हथकरघा की शाश्‍वत सुंदरता को देखने के लिए “ब्रीदिंग थ्रेड्स” नामक एक फैशन कार्यक्रम का आयोजन किया।

यह कार्यक्रम वैशाली एस कॉउचर, वैशाली एस थ्रेडस्टोरीज प्राइवेट लिमिटेड, मुंबई के सहयोग से और हैंडलूम एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल के समन्वय में भारत टेक्स 2025 के दौरान भारत मंडपम के एम्फीथिएटर में आयोजित किया गया था। वैशाली एस कॉउचर एक 24 साल पुराना ब्रांड है जो पुरानी और लुप्त होती हाथ से बुनाई की तकनीकों को पुनर्जीवित करने और उन्हें नया रूप देने, रचनात्मकता और उच्च स्तर की गुणवत्ता के साथ शीर्ष वैश्विक लक्जरी मंचों पर लाने के लिए समर्पित है।

हथकरघा की खूबसूरती और ब्रांड का मिशन भी इसकी स्थिरता और शून्य अपशिष्ट रणनीति है, जो भारतीय गांवों की जीवनशैली के अनुरूप है।

भारतीय हाथ से बुने हुए वस्त्र देश की अप्रयुक्त संपदा हैं, और उन्हें अधिक आधुनिक और वैश्विक भाषा में प्रदर्शित करने की आवश्यकता है, जो उन्हें विश्व भर में सर्वाधिक प्रशंसित लक्जरी फैशन मंचों में वापस लाएगी।

इस शो में 5 अलग-अलग राज्यों यानी पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक और राजस्थान के गांवों में बुने गए कपड़े दिखाए गए और 30 लुक में 20 मॉडलों ने इन बुनाई को 7 अलग-अलग बुनाई तकनीकों में पेश किया: चंदेरी, महेश्वरी, जामदानी, खुन, बनारसी, कोटा डोरिया, मुर्शिदाबाद। प्रत्येक बुनाई को अनूठी बनावट और डोरी के साथ रचनात्मक रूप से सजाया गया था।

यह शो इस बात का प्रमाण था कि हाथ से बुने कपड़े बनाने के लिए कितनी कुशलता और कड़ी मेहनत के साथ-साथ रचनात्मकता की आवश्यकता होती है, और साथ ही यह भी कि कैसे एक शिल्प को विश्‍व स्‍तर के लक्जरी ब्रांडों में से एक बनाया जा सकता है।

यह प्रदर्शनी एक बड़ी सफलता थी और इसमें भारतीय विरासत के वस्त्रों की शक्ति का वैश्विक रूप में प्रदर्शन हुआ, जिसे देखकर विदेशी देशों जैसे ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, रूस, श्रीलंका, बांग्लादेश, कुवैत, चिली आदि के खरीदार मंत्रमुग्ध हो गए, साथ ही भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय के हथकरघा विकास आयुक्त के अटूट समर्थन से भारतीय वस्त्र उद्योग के हितधारकों ने भी इसका भरपूर आनंद उठाया।

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