Samachar Uday

3

What's New?

running

युवा मामले और खेल मंत्रालय, महिला नेतृत्व वाले विकास को बढ़ावा देने और विकसित भारत की परिकल्पना में नागरिक भागीदारी […]

indian-navy-commanders-conference

प्रथम भारतीय नौसेना कमांडर सम्मेलन 2026 14 अप्रैल, 2026 को नौ सेना भवन में नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी के उद्घाटन भाषण के साथ शुरू […]

road-construction

दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का विधिवत लोकार्पण किया गया जिससे उत्तराखंड के विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है। इसी […]

kedarnath

आस्था और श्रद्धा के महान पर्व के रूप में प्रतिष्ठित श्री केदारनाथ धाम के कपाट वर्ष 2026 की यात्रा हेतु […]

fire-station-rudraprayag

जनपद रुद्रप्रयाग में 14 अप्रैल 2026 को अग्निशमन सेवा दिवस मनाया जाएगा। इस अवसर पर जिले में 14 अप्रैल से […]

atal-setu-inauguration

प्रधानमंत्री ने नवी मुंबई में अटल बिहारी वाजपेयी सेवरी-न्हावा शेवा अटल सेतु का उद्घाटन किया

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने नवी मुंबई में आज अटल बिहारी वाजपेयी सेवरी-न्हावा शेवा अटल सेतु का उद्घाटन किया। श्री मोदी ने फोटो गैलरी और अटल सेतु के प्रदर्शित मॉडल का अवलोकन किया।

एमटीएचएल अटल सेतु का निर्माण 17,840 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से किया गया है और यह लगभग 21.8 किमी लंबा 6-लेन का पुल है, जिसकी लंबाई समुद्र के ऊपर लगभग 16.5 किमी और जमीन पर लगभग 5.5 किमी है।

प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया:

“अटल सेतु का उद्घाटन करते हुए खुशी हो रही है, जो हमारे नागरिकों के लिए जीवन की सुगमता को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह पुल यात्रा के समय को कम करने और कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने का वादा करता है, जिससे दैनिक आवागमन आसान हो जाएगा।”

अटल बिहारी वाजपेई सेवरी – न्हावा शेवा अटल सेतु

प्रधानमंत्री की कल्‍पना शहरी परिवहन बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी को मजबूत करके नागरिकों की ‘आवाजाही आसान बनाकर’  सुधार करना है। इस कल्‍पना के अनुरूप, मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक (एमटीएचएल), जिसे अब ‘अटल बिहारी वाजपेयी सेवरी-न्हावा शेवा अटल सेतु’ नाम दिया गया है, बनाया गया है। प्रधानमंत्री ने दिसम्‍बर 2016 में पुल की आधारशिला रखी थी।

अटल सेतु का निर्माण कुल 17,840 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से किया गया है। यह लगभग 21.8 किमी लंबा 6-लेन का पुल है जिसकी लंबाई समुद्र पर लगभग 16.5 किमी और भूमि पर लगभग 5.5 किमी है। यह भारत का सबसे लंबा और सबसे लंबा समुद्री पुल भी है। यह मुंबई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे और नवी मुंबई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे को तेज़ कनेक्टिविटी प्रदान करेगा और मुंबई से पुणे, गोवा और दक्षिण भारत की यात्रा के समय को भी कम करेगा। इससे मुंबई बंदरगाह और जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह के बीच कनेक्टिविटी में भी सुधार होगा।

Share this
Scroll to Top