प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन (पीएम-एसवाईएम), केंद्र सरकार द्वारा असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए शुरू की गई एक स्वैच्छिक और अंशदायी पेंशन योजना है। यह योजना असंगठित क्षेत्र से संबंधित उन श्रमिकों के लिए 60 वर्ष की आयु के बाद 3,000 रुपये की न्यूनतम मासिक पेंशन सुनिश्चित करती है, जिनकी मासिक आय 15,000 रुपये तक है। यह योजना असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए एक सम्मान है, जो देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में लगभग 50 प्रतिशत का योगदान करते हैं।
असंगठित क्षेत्र के कामगारों में ज़्यादातर घर में काम करने वाले मजदूर, रेहड़ी-पटरी वाले, मिड-डे मील वर्कर, सिर पर बोझा ढोने वाले, ईंट भट्ठा मजदूर, मोची, कूड़ा बीनने वाले, घरेलू कामगार, धोबी, रिक्शा चालक, भूमिहीन मजदूर, कृषि मजदूर, निर्माण स्थल पर काम करने वाले मजदूर, बीड़ी मजदूर, हथकरघा मजदूर, चमड़ा मजदूर, ऑडियो-विजुअल मजदूर या इसी तरह के दूसरे कामों में लगे हुए कामगार शामिल हैं। ई-श्रम पोर्टल के अनुसार, 31 दिसंबर 2024 तक 30.51 करोड़ से ज़्यादा असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले मजदूर पंजीकृत हैं।
पीएम-एसवाईएम को अंतरिम बजट 2019 में पेश किया गया था। यह योजना श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) और कॉमन सर्विस सेंटर ई-गवर्नेंस सर्विसेज इंडिया लिमिटेड (सीएससी एसपीवी) के सहयोग से निर्बाध कार्यान्वयन के लिए प्रशासित की जाती है। एलआईसी पेंशन फंड मैनेजर है और पेंशन भुगतान के लिए उत्तरदायी है। यह योजना सरकार की व्यापक सामाजिक सुरक्षा पहलों का एक हिस्सा है और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए सार्वभोमिक पेंशन कवरेज के विजन के अनुरूप है ।
पीएम-एसवाईएम की मुख्य विशेषताएं
प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए बुढ़ापे में वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए अनेक लाभ प्रदान करती है।
न्यूनतम सुनिश्चित पेंशन : 60 वर्ष की आयु के बाद ₹3,000 प्रति माह।
सरकारी अंशदान : केंद्र सरकार 1:1 के आधार पर श्रमिक के अंशदान के बराबर अंशदान करती है।
स्वैच्छिक और अंशदायी : यह योजना स्वैच्छिक है, जो श्रमिकों को उनकी सामर्थ्य और आवश्यकता के आधार पर अंशदान करने की अनुमति देती है।
पारिवारिक पेंशन : यदि लाभार्थी की मृत्यु हो जाती है, तो पति/पत्नी को पेंशन राशि का 50 प्रतिशत पारिवारिक पेंशन के रूप में मिलता है। पारिवारिक पेंशन केवल पति/पत्नी को ही मिलती है।
निकास प्रावधान : प्रतिभागी निर्दिष्ट शर्तों (धारा 9 में विस्तृत रूप में है) के अधीन योजना से बाहर निकल सकते हैं।
आसान पंजीकरण : पात्र श्रमिक सामान्य सेवा केंद्रों (सीएससी) या मानधन पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण करा सकते हैं।
निधि प्रबंधन : यह योजना एलआईसी द्वारा प्रशासित है, जो वित्तीय स्थिरता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करती है।
पात्रता मानदंड
पीएम-एसवाईएम में पंजीकरण के लिए, व्यक्तियों को निम्नलिखित पात्रता शर्तों को पूरा करना होगा:
- आयु आवश्यकता : 18 से 40 वर्ष।
- आय सीमा : मासिक आय ₹15,000 या उससे कम होनी चाहिए।
- असंगठित क्षेत्र रोजगार : निम्नलिखित व्यवसायों में लगे श्रमिक:
- रेहड़ी-पटरी वाले, कूड़ा बीनने वाले, रिक्शा चालक
- निर्माण स्थल पर काम करने वाले श्रमिक, दिहाड़ी मजदूर
- कृषि श्रमिक, बीड़ी श्रमिक
- रेलू कामगार, बुनकर, कारीगर, मछुआरे, चमड़ा कामगार आदि।
4. एक्सक्लूजन मानदंड :
- कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ), कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी), या राष्ट्रीय पेंशन योजना (एनपीएस) के अंतर्गत कवर नहीं होना चाहिए।
- आयकरदाता नहीं होना चाहिए।
- किसी अन्य सरकारी पेंशन योजना का लाभ प्राप्त नहीं कर रहा हो।
आवश्यक दस्तावेज़ :
- आधार कार्ड
- IFSC सहित बचत बैंक खाता या जन धन खाता विवरण
- मोबाइल नंबर






