पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग ने तीसरा राष्ट्रव्यापी डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र अभियान शुरू किया है। ये अभियान 1 से 30 नवंबर 2024 तक भारत भर के 800 शहरों/जिलों में आयोजित किया जा रहा है। विभाग ने 9 अगस्त, 2024 के कार्यालय ज्ञापन के माध्यम से दिशानिर्देश अधिसूचित किए हैं। यह अब तक का सबसे बड़ा डीएलसी अभियान है।
यह अभियान पेंशन वितरण बैंकों, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक, पेंशनभोगी कल्याण संघों, सीजीडीए, दूरसंचार विभाग, रेलवे, यूआईडीएआई और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य देश के दूरदराज के कोनों में सभी पेंशनभोगियों तक पहुंचना है।
इसका मुख्य उद्देश्य चेहरा प्रमाणीकरण तकनीक को बढ़ावा देना है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और यूआईडीएआई इस अभियान के दौरान तकनीकी सहायता प्रदान करेंगे। बुजुर्ग पेंशनभोगियों के लिए चेहरा प्रमाणीकरण को और अधिक सहज और सुविधाजनक बनाया गया है। इसका उपयोग एंड्रॉइड के साथ-साथ आईओएस पर भी किया जा सकता है।
डीडी, एआईआर और पीआईबी की टीमें ऑडियो, विजुअल और प्रिंट प्रचार के लिए इस अभियान को पूरा समर्थन देने के लिए सक्रिय रूप से तैयार हैं। अभियान के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए एसएमएस, ट्वीट (#DLCCampaign3), जिंगल्स और लघु फिल्मों के माध्यम से इन प्रयासों को और आगे बढ़ाया जाएगा।
1 नवंबर, 2024 की शाम तक कुल 1.81 लाख डीएलसी तैयार किए गए।






