केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण अपडेट में कहा कि दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे अगले तीन महीनों में बनकर तैयार हो जाएगा। इस एक्सप्रेसवे से दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय घटकर दो घंटे रह जाने की उम्मीद है। वर्तमान में दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय पांच से छह घंटे है। ‘टाइम्स नेटवर्क इंडिया इकोनॉमिक कॉन्क्लेव 2024’ में बोलते हुए गडकरी ने कहा कि दिल्ली-देहरादून हाईवे परियोजना के दो पैकेज हैं।
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के बारे में मुख्य विवरण
इस परियोजना को दिल्ली-देहरादून एलिवेटेड एक्सप्रेसवे भी कहा जाता है, जिससे देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश के निवासियों और चार धाम यात्रा के लिए उत्तराखंड आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं को लाभ मिलने की उम्मीद है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अनुसार, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के लगभग 16 किलोमीटर लंबे हिस्से पर 7,575 पेड़ काटे गए हैं और इसके बदले में 1.76 लाख से अधिक पेड़ लगाए जाने हैं।
सूचना के अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के प्रावधानों के तहत दायर एक प्रश्न के उत्तर में एनएचएआई ने बताया कि परियोजना के गणेशपुर-देहरादून खंड पर काटे गए पेड़ों में से 4,983 उत्तराखंड में और 2,592 उत्तर प्रदेश में हैं। एनएचएआई ने बताया कि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के वन विभागों द्वारा प्रस्तुत प्रतिपूरक वनरोपण योजना के अनुसार, 7,575 पेड़ों की कटाई की भरपाई के लिए उन्हें 1,76,050 पेड़ लगाने हैं।
36 ग्रीन एक्सप्रेस हाईवे पाइपलाइन में
कार्यक्रम में बोलते हुए गडकरी ने कहा कि उनका मंत्रालय 36 ग्रीन एक्सप्रेस हाईवे पर काम कर रहा है, जिससे देश में लॉजिस्टिक्स लागत को कम करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा, “भारत की लॉजिस्टिक्स लागत 14-16 प्रतिशत है, जबकि चीन में यह 8 प्रतिशत और अमेरिका और यूरोपीय संघ में 12 प्रतिशत है। हमारा लक्ष्य इसे दो साल में 9 प्रतिशत तक लाना है।” मंत्री के अनुसार, इससे भारत का निर्यात 1.5 गुना बढ़ जाएगा तथा हमें अधिक प्रतिस्पर्धी बनने में मदद मिलेगी।






