आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) को हेल्थ इकोसिस्टम के भीतर स्वास्थ्य डेटा की इंटरऑपरेबिलिटी को सक्षम करने और प्रत्येक नागरिक के अनुदैर्ध्य इलेक्ट्रॉनिक स्वास्थ्य रिकॉर्ड बनाने के उद्देश्य से शुरू किया गया है। एबीडीएम में आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाता (आभा), हेल्थकेयर प्रोफेशनल रजिस्ट्री (एचपीआर), स्वास्थ्य सुविधा रजिस्ट्री (एचएफआर) और ड्रग रजिस्ट्री जैसी प्रमुख रजिस्ट्रियां शामिल हैं।
6 फरवरी 2025 तक, कुल 73,98,09,607 आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाते बनाए गए हैं और 3,63,520 स्वास्थ्य सुविधाएं एचएफआर पर पंजीकृत हैं। साथ ही 5,64,851 हेल्थकेयर प्रोफेशनल एचपीआर पर पंजीकृत हैं और 1,59,020 स्वास्थ्य सुविधाएं एबीडीएम-सक्षम सॉफ्टवेयर का उपयोग कर रही हैं तथा 49,06,02,540 (~ 49.06 करोड़) स्वास्थ्य रिकॉर्ड आभा के साथ जोड़े गए हैं।
देश भर के 786 जिलों में फैले 36 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों से कुल 73,98,09,607 आभा से जुड़े हैं, जिसका मतलब है कि ग्रामीण क्षेत्रों सहित पूरे देश को कवर किया जा रहा है। इसी तरह, एबीडीएम-सक्षम सॉफ़्टवेयर का उपयोग करने वाली 1.59 लाख स्वास्थ्य सुविधाएं 36 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों और 786 जिलों से जुड़ी हैं।
समावेशन एबीडीएम के प्रमुख सिद्धांतों में से एक है। एबीडीएम द्वारा बनाया गया डिजिटल हेल्थ इकोसिस्टम प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक स्वास्थ्य सेवा में निर्बाध तरीके से देखभाल की निरंतरता का समर्थन करता है। यह टेलीमेडिसिन आदि जैसे विभिन्न प्रौद्योगिकी उपायों के माध्यम से विशेष रूप से दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य देखभाल सेवाओं की उपलब्धता में मदद करता है।
यह सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न कदम उठाए गए हैं कि मिशन के लाभ प्रत्येक नागरिक तक पहुंचे। डिजिटल साक्षरता की कमी को दूर करने के उद्देश्य से आभा पोर्टल [abha.abdm.gov.in] और सरकारी पीएचआर (व्यक्तिगत स्वास्थ्य रिकॉर्ड) एप्लिकेशन जैसे आभा ऐप व आरोग्य सेतु ऐप को बहुभाषी और उपयोग में सहज बनाया गया है। यह मिशन सीमित इंटरनेट कनेक्टिविटी या हार्डवेयर या दोनों के लिए आभा के निर्माण के लिए सहायक और ऑफ़लाइन मोड की सुविधा प्रदान करता है।
यह जानकारी केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्री प्रतापराव जाधव ने आज राज्य सभा में एक लिखित उत्तर में दी।






